क्यों होती है चिकित्सा निष्फल

काश्यप संहिता अनुसार शरीर तथा आयु की अव्याहतरूप में वद्धि तथा विकारों की शान्ति के लिये चिकित्सा कही गयी है। भावप्रकाश में चिकित्सा का कार्य कष्ट से मुक्ति है न कि मृत्यु पर विजय का कथन मिलता है। पंचमहाभूत व शरीरी का समवाय सम्बन्ध से संजात संयोग पुरुष कहलाता है और यही कर्म पुरुष चिकित्सा Continue Reading