भ्रामक विज्ञापन—आयुर्वेद के पतन के कारण

                 अतीत में भारत देश पर विभिन्न विदेशी शासकों का प्रभुत्व रहने के कारण उनका आयुर्वेद के प्रति दृष्टिकोण नकारात्मक होते हुये भी आयुर्वेद द्वारा अपनी अस्मिता को बचाए रखना उसमें निहित गुणों का द्योतक है। पर अपने ही देश में आयुर्वेद का विकास परोक्ष कारणों से  बाधित हो रहा है। आयुर्वेद की जड़ों में Continue Reading

बिना संहिताओं के अध्ययन से आयुर्वेद का ज्ञान सम्भव नही

आयुर्वेद का अध्ययन संहिता परक है। अतः बिना संहिताओं के ज्ञान के आयुर्वेद का अध्ययन सम्भव नही है। सभी प्रमुख संहिताएं संस्कृत में है। बिना मूल ग्रन्थों के अध्ययन के विषयों को ठीक से समझा नही जा सकता। अतः आयुर्वेद के विषयों में दक्ष होने के लिये संस्कृत का ज्ञान होना आवश्यक है। न केवल Continue Reading