Acidity finds its mention in as amalpitta in Ayurvedic texts. Due to the present-day run-of-the-clock lifestyle, our food habits have also been influenced. Trend of having fast food, irregular meal hours, taking spicy meal, is increasing day by day.  Use of adulterated food also affects the body’s digestive tract. InContinue Reading

पूर्वजन्म में किया हुया भाग्य नामक अनुबन्धिक अर्थात आत्मा के साथ परलोक में भी निश्चित रूप से बंधा हुया है।

माता के आचरण व खानपान में कोई त्रुटि न होते हुये भी कुछ बच्चे बीमार ही पैदा होते है । यहां पर ये दोष गर्भावस्था में माता की जीवनशैली के कारण नही अपितु पूर्वजन्म के कर्म होते है। इसी तरह बहुत बार जो रोग आसानी से ठीक हो सकते हैंContinue Reading

study of Ashtang hridya

Among the various creations of Vaghbhatta , Ashtanga Hridya is more popular than Ashtang sangreh. It is Ashtanga hridya and not the Ashtang Sangreh  that finds its  inclusion in Brihatryi. The knowldege embedded in Ashtanga hridya is practised all over the country. Vaghbhatta the son of Singhgupta first compiled AshtangaContinue Reading

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति

आयुर्वेद के चिकित्सक  आयुर्वेद उत्थान परम्परा के ही वाहक बने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति महान है, इसका अतीत सुनहरी है, इसके ग्रन्थों में चिकित्सा के ऐसे परिणामों का उल्लेख है जिसकी वर्तमान युग में कल्पना भी नही की जा सकती, लोगों की रुचि इस ओर बढ़ रही है, पूरे विश्व कीContinue Reading

चिकित्सक की सार्थकता

काश्यप संहिता अनुसार शरीर तथा आयु की अव्याहतरूप में वद्धि तथा विकारों की शान्ति के लिये चिकित्सा कही गयी है। भावप्रकाश में चिकित्सा का कार्य कष्ट से मुक्ति है न कि मृत्यु पर विजय का कथन मिलता है। पंचमहाभूत व शरीरी का समवाय सम्बन्ध से संजात संयोग पुरुष कहलाता हैContinue Reading

                 अतीत में भारत देश पर विभिन्न विदेशी शासकों का प्रभुत्व रहने के कारण उनका आयुर्वेद के प्रति दृष्टिकोण नकारात्मक होते हुये भी आयुर्वेद द्वारा अपनी अस्मिता को बचाए रखना उसमें निहित गुणों का द्योतक है। पर अपने ही देश में आयुर्वेद का विकास परोक्ष कारणों से  बाधित हो रहाContinue Reading

Nose Bleeding

गर्मियों का मौसम शुरू होते ही कुछ लोग रक्तपित्त की शिकायत से परेशान हो जाते हैं। अचानक नाक से रक्तस्राव शुरू हो जाता है। चरक संहिता में, इस बीमारी को रक्तपित्त के नाम से वर्णित किया गया है। इस बीमारी को एक बड़ी बीमारी के रूप में स्वीकार किया गयाContinue Reading

believe in god

भविष्य पुराण अनुसार सूर्य ने अग्नि को प्रतिपदा, ब्रह्मा को द्वितीय, कुबेर को तृतीय व गणेश को चतुर्थी तिथि प्रदान की है, नागराज को पंचमी, कार्तिकेय को षष्ठी, अपने कोे सप्तमी व रुद्र को अष्टमी तिथि दी है, दुर्गा को नवमी, अपनी संतान यम को दशमी ,विश्वदेव के गणों काContinue Reading