study of Ashtang hridya

अष्टांगहृदयम् 

1आयुष्कामीय अध्याय (1)

अनूप कुमार गक्खड़

आयुष्कामीय 1 आयुर्वेद के उपदेशों का आदर क्यों करना चाहिए?

धर्म , अर्थ, और सुख  आयु  पर आश्रित होते हैं , और आयु की प्राप्ति का साधन आयुर्वेद है। इसलिये आयुर्वेद के उपदेशों का आदर करना चाहिए।

2 ब्रह्मा से इन्द्र तक आयुर्वेद के ज्ञान के प्रवाह की परम्परा क्या रही है?

 आयुर्वेद के ज्ञान का प्रवाह ब्रह्मा से प्रजापति, फिर अश्विनी कुमार और फिर वहां से यह ज्ञान भगवान इंद्र के पास पहुंचा।

3 अष्टांगहृदयम् ग्रन्थ की विशेषता क्या है?

 पूर्व में रचे गये अग्निवेश आदि तन्त्रों के अतिविस्तृत व बिखरे होने के कारण उन सभी ग्रन्थों का सार भाग लेकर यह ग्रन्थ रचा गया। यह न तो अति संक्षिप्त है और न ही अति विस्तृत।

 4 आयुर्वेद के आठ अंग कौन से है?

 काय चिकित्सा, बालरोग, ग्रह चिकित्सा, ऊर्ध्वांग चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, दंष्ट्रा अर्थात विष, जरा चिकित्सा, वृष चिकित्सा ये चिकित्सा के आठ अंग है।

5 शारीरिक दोष कितने हैं?

 तीन- वात, पित्त व कफ।

6 विकृत व अविकृत दोषों का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

दोष अगर विकृत हो तो शरीर को नष्ट कर देते हैं और अविकृत हो तो उस का यापन अर्थात पालन करते हैं।आयुष्कामीय

7 दिन ,रात, आयु अनुसार व भोजन करते समय  वात, पित्त और कफ का प्रकोप कब कब होता है?

इन सब की  अन्तिम अवस्था में वात का, मध्य में पित्त का व प्रारम्भ में कफ का प्रकोप होता है।

8 दोषों का  और अग्नि का परस्पर क्या सम्बन्ध है?आयुष्कामीय

 वातवृद्धि के कारण अग्नि विषम, पित्त के कारण अग्नि तीक्ष्ण व कफ के कारण अग्नि मंद होती हैं। तीनो दोषों की साम्यावस्था में अग्नि सम होती है।

9 दोषों का कोष्ठ के साथ क्या सम्बन्ध है?   

वायु के कारण मनुष्य का कोष्ठ क्रूर होता है, पित्त के कारण कोष्ठ मृदु व कफ के कारण कोष्ठ मध्यम होता है।

10 वाग्भट ने कितने प्रकार की प्रकृति बतायी है?

 वाग्भट ने सात प्रकार की प्रकृति बतायी है यथा वातज, पित्तज , कफज, वात-कफ, वात-पित्त व पित्त -कफ जन्य और सम प्रकृति।

11 वायु के गुण क्या  है?

 वायु के गुण हैं- रूक्ष, लघु, शीत, खर, सूक्ष्म व चल।

12 पित्त के गुण क्या  है?

पित्त के गुण है- ईषत् स्निग्ध, तीक्ष्ण, उष्ण, लघु, विस्त्र, सर व द्रव ।

13 कफ के क्या गुण है?

 कफ के  गुण है -स्निग्ध, गुरु, शीत, मन्द, श्लक्ष्ण, मृत्स्न और स्थिर।आयुष्कामीय

अनूप कुमार गक्खड़

                            Ashtanga Hridayam

1 Ayushkamiya (i)

Anup Kumar Gakkhar

1 Why should  we respect the teachings of Ayurveda?

Dharma, artha and sukha are dependant upon Ayu and Ayurveda is the tool for attaining the Ayu.

2 What has been the tradition of the flow of knowledge of Ayurveda from Brahma to Lord Indra?

Flow of knowledge of Ayurveda was from Brahma to Prajapati,then to Ashwini kumar and then to Lord Indra.

3 What is the specialty of Ashtangahridayam text? 

This text was composed by taking the essence of the matter compiled by sages like Aginvesh etc. They were too extensive and too scattered . This text  is neither too brief nor too detailed.

4 What are the eight branches of Ayurveda?

Kaya chikitsa, bala roga, grih chikitsa, shalakya tantra, shalya tantra, agad tantra , rasayana and vaji karana are the eight branches of Ayurveda

5 How many types of dosha are there?

 There are types of dosha- Vata, pitta and kapha.

6 What is the effect of vitiated and non vitiated doshas on the body?

If doshas are vitiated they can make a person diseased otherwise they nourish the body .

7 At which phase of the day, night, age and taking meals vitiation of Vata, Pitta and Kapha takes place? http://healthyminute.in/%e0%a4%b2%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d/

 Vata gets vitiated in the end, while pitta in the middle and kapha in the initial stage of all the above.

8 What is the relationship between doshas and agni?आयुष्कामीय

The status of agni is vishama due to enhanced vata, tikshana due to pitta and manda due to kapha. It is in the stage of equilibrium in the balanced phase of dosha.

9 What is the relation between dosha and kostha?

 Koshtha is kroor due to vata, mridu due to pitta and madhyam due to kapha .

10 How many types of Prakriti has Vagbhata described?

 Vagbhata has described seven types of prakrit – vataj, pittaja, kaphaj, vata-kapha, vata-pitta and pitta-kapha janya and sama prakriti.

11 What are the properties of vayu?

 Properties of Vayu are ruksha, laghu, sheeta , khara, suksham and chala.

12 What are the properties of pitta?

 Properties of pitta are snigdha, tikshana, ushna, laghu, visr, sara and drava. .

13 What are the properties of Kapha?आयुष्कामीय

 Properties of kapha are snigdha, guru, shita, manda, shlakshna, mritsan and sthira.

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Anup Kumar Gakkhar

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