डायबिटीज पर मेरे अनुभवों के कुछ अंश

 डायबिटीज ऐसा शब्द है जिससे शायद ही कोई अपरिचित होगा। भारत में इस के रोगियों की संख्या सतत रूप से बढ़ रही है। इस रोग की विशेषता है कि जो इससे ग्रसित हो जाता है वह उसके साथ अपना स्थायी सम्बन्ध स्थापित कर लेता है अर्थात उसे बीच में कहंी नही छोड़ता। यह रोग जीवन Continue Reading

आयुर्वेद में पदार्थ विज्ञान पढ़ने की आवश्यकता क्यों

                                 पदार्थ विज्ञान को हम क्यों पढ़े ? यह प्रश्न विधार्थियों को विचित्र लगता होगा। हमारा स्वभाव है कि हम उस पर ही विश्वास करते हैं जिसको हम स्वयं अपनी आंखों से देख लेतें हैं। लेकिन उससे भी हटकर एक अलग दुनिया है। भूकम्प आना, आंधी तूफान का आना, सुनामी आना, महामारी फैलना आदि Continue Reading

Acidity : Symptoms, Causes and Home Remedies

Acidity finds its mention in as amalpitta in Ayurvedic texts. Due to the present-day run-of-the-clock lifestyle, our food habits have also been influenced. Trend of having fast food, irregular meal hours, taking spicy meal, is increasing day by day.  Use of adulterated food also affects the body’s digestive tract. In this way, a disease reflected Continue Reading

पूर्वजन्म के कर्म प्रभावित करते हैं स्वास्थ्य

माता के आचरण व खानपान में कोई त्रुटि न होते हुये भी कुछ बच्चे बीमार ही पैदा होते है । यहां पर ये दोष गर्भावस्था में माता की जीवनशैली के कारण नही अपितु पूर्वजन्म के कर्म होते है। इसी तरह बहुत बार जो रोग आसानी से ठीक हो सकते हैं उचित चिकित्सा करने पर भी Continue Reading

आयुर्वेद के चिकित्सक आयुर्वेद उत्थान परम्परा के ही वाहक बने

आयुर्वेद के चिकित्सक  आयुर्वेद उत्थान परम्परा के ही वाहक बने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति महान है, इसका अतीत सुनहरी है, इसके ग्रन्थों में चिकित्सा के ऐसे परिणामों का उल्लेख है जिसकी वर्तमान युग में कल्पना भी नही की जा सकती, लोगों की रुचि इस ओर बढ़ रही है, पूरे विश्व की आंखें इस तरफ लगी हैं Continue Reading

क्यों होती है चिकित्सा निष्फल

काश्यप संहिता अनुसार शरीर तथा आयु की अव्याहतरूप में वद्धि तथा विकारों की शान्ति के लिये चिकित्सा कही गयी है। भावप्रकाश में चिकित्सा का कार्य कष्ट से मुक्ति है न कि मृत्यु पर विजय का कथन मिलता है। पंचमहाभूत व शरीरी का समवाय सम्बन्ध से संजात संयोग पुरुष कहलाता है और यही कर्म पुरुष चिकित्सा Continue Reading

भ्रामक विज्ञापन—आयुर्वेद के पतन के कारण

                 अतीत में भारत देश पर विभिन्न विदेशी शासकों का प्रभुत्व रहने के कारण उनका आयुर्वेद के प्रति दृष्टिकोण नकारात्मक होते हुये भी आयुर्वेद द्वारा अपनी अस्मिता को बचाए रखना उसमें निहित गुणों का द्योतक है। पर अपने ही देश में आयुर्वेद का विकास परोक्ष कारणों से  बाधित हो रहा है। आयुर्वेद की जड़ों में Continue Reading